Jija Sali Love Story जीजा-साली की अधूरी प्रेम कहानी

Jija Sali Love Story : कहानी के किरदार: राघव (32), उसकी पत्नी काव्या (30) और काव्या की छोटी बहन अंजलि (24)

एक मुलाकात जिसने सब बदल दिया

Jija Sali Love Story : अंजलि अपनी बहन काव्या के घर गर्मियों की छुट्टियां बिताने आई थी। राघव स्वभाव से शांत था, लेकिन उसकी मुस्कान में एक ऐसा अपनापन था कि लोग उससे जल्दी घुल-मिल जाते थे।

पहले कुछ दिन अंजलि और राघव की बातचीत हंसी-मजाक तक सीमित रही। कभी टीवी के रिमोट को लेकर बहस, कभी चाय में चीनी ज्यादा होने की शिकायत, तो कभी किसी फिल्म के किरदार पर लंबी चर्चा।

एक शाम काव्या बाजार गई हुई थी। अंजलि बालकनी में बैठी घनघोर बारिश देख रही थी, तभी राघव दो कप कॉफी लेकर आया।

मैडम आपकी कॉफी,” उसने कप आगे बढ़ाते हुए कहा। अंजलि मुस्कुराई वाह! आज तो जीजू बड़े मेहरबान हैं। रोज बनाकर दूंगा, बस मेरी शिकायत करना बंद कर दो। मैं शिकायत करती हूं या आपको मुझसे बात करने का बहाना चाहिए?

राघव हंस पड़ा तुमसे बहस करना सच में मुश्किल है। और फिर भी आप रोज करते हैं। दोनों हंसने लगे, मगर उस हंसी के पीछे एक ऐसा अपनापन पनप रहा था, जिसे अंजलि धीरे-धीरे महसूस करने लगी थी।

जब बातें दिल तक पहुंचने लगीं

दिन गुजरते गए अंजलि को राघव से बातें करना अच्छा लगने लगा। वह उसकी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देती और राघव भी उसकी पसंद याद रखने लगा। एक दिन अंजलि उदास बैठी थी। क्या हुआ? राघव ने पूछा कुछ नहीं तुम्हारे इस ‘कुछ नहीं’ का मतलब हमेशा कुछ होता है।

अंजलि मुस्कुराई, लेकिन उसकी आंखें नम थीं। उसने बताया कि उसे अपने करियर को लेकर चिंता हो रही थी। उसे डर था कि कहीं वह जिंदगी में पीछे न रह जाए। राघव ने उसे ध्यान से सुना। हर किसी की जिंदगी का अपना समय होता है, अंजलि। खुद की तुलना दूसरों से मत करो।”

आपको लगता है मैं कुछ कर पाऊंगी? मुझे लगता है तुम जितना खुद पर भरोसा करती हो, उससे कहीं ज्यादा कर सकती हो। अंजलि कुछ पल उसे देखती रही। शायद उसे सलाह से ज्यादा उस भरोसे की जरूरत थी।

उस रात वह देर तक सो नहीं सकी। उसके मन में राघव के शब्द घूमते रहे। वह जानती थी कि किसी का सहारा अच्छा लगना और उससे प्यार करना अलग बातें हैं, लेकिन उसकी भावनाएं अब पहले जैसी सरल नहीं रही थीं।

बारिश खामोशी और एक अनकहा सवाल

एक सप्ताह बाद शहर में तेज बारिश हुई। बिजली चली गई और घर में केवल मोमबत्तियों की रोशनी रह गई। काव्या अपनी सहेली के घर रुकी हुई थी। अंजलि और राघव बालकनी में बैठे चाय पी रहे थे। आप कभी किसी से अपनी परेशानी छिपाते हैं? अंजलि ने पूछा। कभी-कभी क्यों? डर लगता है कि कहीं मेरी परेशानी दूसरे इंसान पर बोझ न बन जाए।

अंजलि ने धीरे से कहा, “लेकिन किसी को अपनी बात बताने से वह बोझ नहीं बन जाता। राघव ने उसकी तरफ देखा। “तुम हमेशा ऐसी बातें कैसे कह देती हो?” “क्योंकि मैं आपकी बात सुनती हूं।” उसके इस जवाब के बाद दोनों चुप हो गए। बाहर बारिश की आवाज तेज थी और कमरे में एक अजीब-सी खामोशी थी।

अंजलि ने महसूस किया कि वह राघव के प्रति आकर्षित हो रही थी। उसे यह एहसास अच्छा भी लगता था और परेशान भी करता था। राघव ने भी उनके बीच बढ़ती भावनात्मक नजदीकी महसूस की थी। लेकिन वह जानता था कि वह शादीशुदा है और काव्या के प्रति उसकी जिम्मेदारी है।

अंजलि मुझे लगता है हमें कुछ सीमाएं तय करनी चाहिए उसने आखिरकार कहा। अंजलि ने उसकी ओर देखा “क्या मैंने कुछ गलत किया क्या ?” नहीं लेकिन मैं नहीं चाहता कि हमारी नजदीकी किसी को चोट पहुंचाए।

अंजलि ने सिर झुका लिया वह पहली बार समझ रही थी कि किसी को पसंद करने का मतलब यह नहीं कि उस रिश्ते को आगे बढ़ाना भी सही होगा।

वह पल जिसे दोनों भूल नहीं पाए

अगले दिन अंजलि ने राघव से अकेले में बात की। मैं आपसे कुछ कहना चाहती हूं उसने कहा। कहो मुझे नहीं पता कि यह आकर्षण है या कुछ और। लेकिन मैं आपके सामने अपनी भावनाएं छिपाते-छिपाते थक गई हूं। राघव ने गंभीरता से उसकी बात सुनी।

अंजलि ने कहा मैं आपसे प्यार करने लगी हूँ, मैं जानती हूँ आप दीदी के पति हो पर अब मैं और ज्यादा देर तक अपनी फीलिंग्स छुपा कर नहीं रह सकती। न मैं खुद को आपसे प्यार करने के रोक पा रही हु न आपके बारे में सोचना बंद कर पा रहीं हूँ।

अंजलि बहुत भावुक हो चुकी थी उसकी आँखों में आँसू थे, क्योकि उसे एहसास था की वह गलत प्यार कर बैठी हैं।  पर एक सच्चाई यह भी प्यार का किसी पर जोर नहीं होता हैं किसी से भी और कही पर भी हो जाता हैं।

अंजलि की यह बात सुन कर राघव के दिल दिमाग में बहुत सारी भावनाएं एक साथ आने लगी थी।  उसे समझ नहीं आ रहा था करें पर समय को देखते हुए राघव ने अंजलि को शांत किया, उसके आँसू पोछे और प्यार से गले लगाया अंजलि को अच्छा फील हुआ और राघव को भी अच्छा महसूस हुआ।

बाहर तेज़ बारिश हो रही थी घर की लाइट चली गई थी और ठंडी हवा  दोनों के बदन को छू कर एक अलग ही एहसास को जगा रहें थे। दोनों न चाहते हुए खुद को रोक नहीं पा रहे थे। दोनों की गर्म साँसे एक दुसरो महसूस होने  लगी थी।

राघव ने अंजलि को और जोर से अपनी बाहों में भरने लगा, अंजलि ने भी इसमें राघव का साथ दिया। राघव ने अंजलि के पहले गले पर किस किया दोनों ही अब पूरी तरह मदहोश हो चुके थे। अंजलि ने भी राघव के लिप पर किस करना शुरू कर दिया।

इसके बाद राघव कुछ पल के लिए भूल गया अंजलि उसकी साली हैं और अपनी शर्ट उतार दिया। इससे पहले दोनों ही अपनी सीमाएं पार कर जाते बाहर घंटी बजती हैं, काव्य घर आ चुकी होती  हैं। अंजलि और राघव दोनों हड़बड़ा कर खुद को सम्हाला और दोनों शांत हो गए और राघव नीचे चला गया।

इस तरह वो पल अंजलि किए लिए एक यादगार पल बन गया। जिसे दोनों हमेशा अच्छी यादों के रूप में संजोये रखा है किसी तरह गिल्ट महसूस नहीं करते।

Jija Sali Love Story अंत जो एक नई शुरुआत बना

कुछ दिनों बाद अंजलि अपने घर लौट गई। उसने अपने करियर पर ध्यान देना शुरू किया और राघव से बातचीत बनी रहीं। राघव और काव्या ने भी अपने रिश्ते को सुधारने के लिए खुलकर बातचीत करने का फैसला किया। जरूरत पड़ने पर वे विवाह परामर्श लेने के लिए भी तैयार थे।

एक शाम अंजली की डायरी में एक नई पंक्ति लिखी मिली:

“किसी की मुस्कान से प्यार हो सकता है, किसी की बातों से लगाव हो सकता है और किसी की मौजूदगी दिल को सुकून दे सकती है। लेकिन हर एहसास को रिश्ता बना देना जरूरी नहीं। कभी-कभी प्यार का सबसे कठिन रूप अपनी भावनाओं को समझना और दूसरों के भरोसे का सम्मान करना होता है।”

अंजलि ने डायरी बंद की और खिड़की से बाहर देखने लगी। तेज़ बारिश हो रहीं और उसे फ्लैशबैक की तरह उन दिनों की याद में खो गई। उसकी कहानी किसी गुप्त रिश्ते या फिल्मी मिलन की तरह ही रहा पर खत्म नहीं हुई। वह अपने बारे में कुछ नया सीखकर आगे बढ़ने लगी।

Jija Sali Love Story कहानी का संदेश: आकर्षण मानवीय भावना है, लेकिन किसी रिश्ते में ईमानदारी, सहमति, जिम्मेदारी और स्पष्ट सीमाएं ही तय करती हैं कि उस भावना के साथ कैसा व्यवहार किया जाए ताकि रिश्ते खराब न हो।

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